Thursday, 12 May 2016

अनाज की कमी नही


'अनाज की कमी से नही पड़ता देश में अकाल' शीर्षक लेख में 22 अक्टूबर को डॉ. विनायक सेन ने सही बातों पर जोर डाला है। पिछले कई सालों में देश में अनाज का उत्पादन बहुत अधिक मात्रा में हुआ है लेकिन सरकार पूरा नही खरीद सकी। जो ख़रीदा, उसे रखने के लिए गोदाम नही हैं। खुले में रखे-रखे अनाज भी सड़ गया, लेकिन गरीबों को नही दिया गया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को खूब लताड़ा। फिर भी हमारे कृषि मंत्री के कान पर जूं तक नही रेंगी। उनसे यह कौन कह रहा है कि मुफ़्त में बांट दी, लेकिन कम रेट पर गरीबों को तो दे दो। आज मंत्रीगण स्कैम पर स्कैम करते जा रहे हैं। गरीबों की कोई सुध नही ली जा रही। जो भी नीतियां बन रही हैं, वो एक खास वर्ग के लोंगो को फायदा देने के लिए बनाई जा रही हैं। मैंगो मैन की बनाना रिपब्लिक में कोई सुनवाई नही होती है। मैंगो मैन की याद केवल इलेक्शन में आती है।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स में 31 अक्टूबर 2012 को प्रकाशित हुआ)