Sunday, 22 May 2016

इस चुनाव के बाद


विश्व के सबसे बड़े प्रजातंत्र भारत में जनता को अपनी पसंद की सरकार बनाने का एक बार फिर सुनहरा अवसर मिला है। लोक सभा चुनाव में मताधिकार का यह एक बड़ा अवसर है। इसका पूरा विश्व आदर करता है। यहां कई बार सत्ता बदली। नए दल आए और उन्होंने देश का शासन संभाला। इस दौरान देश ने अभूतपूर्व तरक्की भी की है। अब हर देशवासी एक नई उम्मीद के साथ मतदान करेगा। लेकिन एक कड़वा सच यह भी है कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का बर्ताव चुनाव के बाद उसी के प्रति बदल जाता है। वे अपने वादे भूल कर सिर्फ अपना हित याद रखते नज़र आते हैं। उम्मीद है कि इस चुनाव के बाद ऐसा नही होगा।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स में 10 अप्रैल 2014 को प्रकाशित हुआ)