Monday, 16 May 2016

गलत सरकारी नीतियां


28 अगस्त का संपादकीय 'भूख के विरुद्ध' पढ़ कर कई सवाल उठते हैं कि सरकार सस्ते अनाज के लिए संसाधन कहां से जुटा पाएगी। विदेशी मुद्रा भंडार लगातार कम होता जा रहा है और रूपया गिरता जा रहा है। ऐसे में सरकार का दावा सिर्फ चुनावी चाल है। सरकारी नीतियां गलत हैं। उसे रोजगार बंद कराने की नीतियां बदलनी पड़ेगी। भूख के विरुद्ध कोई नही है बल्कि जरुरत है हर आदमी को रोजगार की। सस्ता अनाज नही, रोजगार के अवसर वोट दिलाएंगे।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स में 11 सितम्बर 2013 को प्रकाशित हुआ)