Thursday, 21 April 2016

प्यार करने की मनाही


सरिता अगस्त (प्रथम) 2010 अंक में लेख 'ऑनर किलिंग के नाम पर बढ़ती हैवानियत' में लेखक के विचार एकदम ठीक हैं। ऑनर किलिंग में सारा दोष उन सभी का है जो झूठी शान के लिए 2 हंसो के जोड़े को मौत के घाट उतारते हैं जबकि उन्ही बच्चों को पहले बड़े लाड़ प्यार से पाला पोसा जाता है और उन की सारी मांगों को पूरा किया जाता है।
विवाह का पवित्र बंधन बच्चों की पूरी ज़िन्दगी बदल देता है। पूरा जीवन किस के साथ व्यतीत करना है, इस मामले में बच्चों की सहमति जरुरी है। बच्चों की ख़ुशी सब से बड़ा धर्म है। यदि बच्चों को प्यार करने की मनाही है, वे अपनी इच्छा से विवाह नही कर सकते तो उन्हें घर की चारदीवारी में कैद रखना चाहिए। उन्हें पहले ही सब कुछ करने की आज़ादी क्यों देते हैं।


(यह पत्र सरिता सितम्बर (द्वितीय) 2010 अंक में प्रकाशित हुआ)