Monday, 11 April 2016

डेली बेसिस पर ब्याज


बचत खाते पर डेली बेसिस पर ब्याज देने का रिज़र्व बैंक का सुझाव सराहनीय है। जब लोन पर हर रोज़ के हिसाब से ब्याज वसूला जाता है, तो बचत पर भी रोज़ाना ब्याज दिया जाना चाहिए। रोजाना ब्याज मिलने से लोगों की मानसिकता बदलेगी और वे बिना ज़रूरत बैंक से रूपए नही निकालेंगे। यदि बचत पर ब्याज फिक्स्ड डिपाजिट जितना हो जाए, तो सोने पे सुहागा। क्योंकि तब रकम को फिक्स्ड कराने की जरुरत नही होगी और सेविंग ही एक तरह से फिक्स्ड हो जाएगी।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स में 3 मार्च 2010 को प्रकाशित हुआ।)