Monday, 28 March 2016

धमकी से डरे


आईपीएल का आयोजन विदेश में होना दुखद है। भारत सरकार अगर इसे चुनावों के आसपास करने में असमर्थ थी तो प्राइवेट सिक्यूरिटी गार्ड्स के बूते यह टूर्नामेंट कराया जा सकता था। इससे तो यही साबित हुआ न की हम आतंकियों की धमकी से डर गए। फिर क्या गारंटी है कि बाहर जहां टूर्नामेंट होगा, वहां कोई आतंकी हमले का डर  नही होगा।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स में 25 मार्च 2009 को प्रकाशित हुआ।)