Sunday, 28 February 2016

कहां जाएं पैदल


दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कम से कम इसका उत्तर तो दें कि पैदल चलने वाले आखिर चलें कहां? दिल्ली में पटरियों पर या तो वाहनों की पार्किंग होती है या फिर उन पर दुकानदारों का कब्ज़ा है। ऐसी स्थिति में लोग चलते हुए वाहनों के साथ सड़कों पर चलते हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों, दोनों को परेशानी होती है और दुर्घटनाएं भी होती है। सच तो यह है कि व्यवस्थाएं इतनी कम हैं कि राहगीर सड़क के बीच में चलने को मजबूर हैं। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री ने पैदल चलना छोड़ दिया है, लेकिन गरीब जनता की तो मजबूरी है।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स में 3 अगस्त 2007 को प्रकाशित हुआ।)