Sunday, 21 February 2016

ग्लोबल वार्मिंग


संपादकीय टिप्पणी 'ग्लोबल वार्मिंग महज बातें ही बातें' एकदम सटीक है क्योंकि विश्व को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लिए सिर्फ सेमिनार या भाषणबाजी की जरुरत नहीं है बल्कि इस के लिए ठोस उपाय की ज़रूरत है। आज यह चेतावनी तो दी जा रही है कि मुम्बई शहर समुन्दर के पानी में डूब सकता है जबकि इस वार्मिंग का असर न्यूयॉर्क में भी हो रहा है।
पिछली सर्दियों में जब बर्फ़बारी के बजाय बसंत का मौसम आ गया था, इसे महज मजाक नहीं समझना चाहिए। प्रकृति से छेड़छाड़ सभी को मंहगी पड़ सकती है, इस का ध्यान सब को रखना चाहिए।


(यह पत्र सरिता जून (प्रथम) 2007 में प्रकाशित हुआ।)