Thursday, 4 February 2016

घूसखोरी के टॉपर


हम घूसखोरी में टॉपर बन गए हैं। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की ताज़ा रिपोर्ट कोई चौंकाने वाली नहीं है। नंबर वन होना अमूमन फख्र की बात होती है पर यह ऐसा मामला है कि हमारे लिए शर्म की बात बन गया है। विकास की राह पर हम जितनी तेजी से बढ़ रहे हैं, उतनी तेजी से हमारी व्यवस्था ठीक नही हो रही। हम बीपीओ और आईटी क्षेत्र में आगे हैं। हमारे डॉक्टरों ने विदेशों में धूम मचा रखी है। अमेरिका में कई बेहतरीन डॉक्टरों में भारतीय शामिल हैं। लेकिन हमारी यह प्रगति भ्रष्टाचार के सम्मुख फीकी पड़ जाती है। भ्रष्टाचार के मामले में नेताओं और नौकरशाहों से कोई उम्मीद करना ही बेमानी है। जनता का ही स्वाभिमान जागे, तो कुछ हो सकता है।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स में 16 अक्टूबर 2006 को प्रकाशित हुआ।)