Tuesday, 2 February 2016

लालू की क्लास


अहमदाबाद आईआईएम में लालू प्रसाद यादव को बुलावा एक प्रयोग था, लेकिन लालू ने इस मौके को भी राजनीतिक रंग दे डाला। रेलवे का कायाकल्प करने में अकेले उन्ही का हाथ नहीं। उनसे पहले भी हमारे देश में कई काबिल रेल मंत्री रहे हैं। लालू के मंत्रिकाल में रेलवे में कोई अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हों, यह भी सही नहीं है। आज आम यात्री, जो दूसरे दर्ज़े में सफ़र करता है उसे कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं दी जा रही है। कॉरपोरेट लीडरशिप सिखाने वाले आईआईएम को नेताओं को नहीं बुलाना चाहिए, क्योंकि वे वहां भी इन बच्चों के दिमागों को भी राजनीति से दूषित कर देंगे। सफल उधमियों से सीखना छात्रों के ज्यादा हित में रहेगा।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स में 30 सितम्बर 2006 को प्रकाशित हुआ।)