Sunday, 27 December 2015

टैक्स लगाना तो बहाना


संपादकीय टिप्पणी 'टैक्स लगाना तो बहाना' पढ़ी। यह एकदम सही है कि सरकार को सिर्फ टैक्स उगाही से मतलब है, उस के सदुपयोग से सरकार को कोई सरोकार नहीं है। इस का उदहारण एजुकेशन टैक्स है जो 2 प्रतिशत की दर से लगाया जाता है। सरकार के अनुसार इस टैक्स को सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में लगाना है लेकिन वित्त मंत्री को तो इसे उगाहने भर से मतलब है, वह रकम कहां खर्च होती है इस से कोई मतलब नहीं।
एक नज़र यदि दिल्ली के सरकारी स्कूलों पर डाली जाए तो अपवाद के तौर पर 2-4 स्कूलों को छोड़ कर बाकी दयनीय हालात में हैं।
एजुकेशन टैक्स के रूप में करोड़ों की उगाही यदि राजधानी दिल्ली के स्कूलों पर खर्च नहीं हुई है तो हम सोच सकते हैं कि इन स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिरने का कारण क्या है।
वित्त मंत्री को चाहिए कि ऐसे खास किस्म के टैक्स या तो बन्द कर दे या फिर उस का सदुपयोग हो ताकि करदाता संतोष कर सकें।


(यह पत्र सरिता मई (प्रथम) 2006 अंक में प्रकाशित हुआ।)