Friday, 20 November 2015

पियो शराब करो बेईमानी


संपादकीय टिप्पणी 'पियो शराब करो बेईमानी' पढ़ी। यह एकदम सही है कि सिगरेट पर प्रतिबन्ध के साथ शराब को भी प्रतिबंधित करना चाहिए क्योंकि शराब भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
हर साल नकली और जहरीली शराब पीने से देश भर में हज़ारों लोग मौत के शिकार होते हैं। शराब को प्रतिबंधित न करने के पीछे सरकार की शुद्ध व्यापारिक सोच है। आज देश भर में शराब के वितरण पर सरकार की मोनोपॉली है। इस से प्राप्त होने वाली आमदनी को सरकार नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती। देश के नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने से सरकार भी नहीं चूकती है।


(यह पत्र सरिता, अप्रैल (प्रथम) 2006 अंक में प्रकाशित हुआ।)