Monday, 12 October 2015

एमसीडी और अराजकता

इसके लिए सभी जिम्मेवार हैं। यदि शुरू में ही सरकार ने सख्ती की होती तो स्थिति इतनी ख़राब नहीं होती। निगम और पुलिस पैसा वसूल कर अपनी आंखें बंद करती रही और जनता को किसी तरह का डर नहीं रहा। अब कोर्ट के आदेश पर पूरी तरह से अमल किया गया तो जनता की रोजीरोटी पर बुरा असर पड़ेगा।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स में 20 फरवरी 2006 को प्रकाशित हुआ।)