Tuesday, 7 July 2015

बिकाऊ सांसद


आज तक सांसद और मंत्री घोटालों में शामिल होते थे, लेकिन जनहित में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए और सांसद निधि से विकास कार्य कराने हेतु पैसे लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। दो स्टिंग ऑपरेशन - ऑपरेशन दुर्योधन और ऑपरेशन चक्रव्यूह से इस दुखत तथ्य का खुलासा हुआ। ऐसा लगता है कि जनता की सेवा के नाम पर चुन कर आये सांसद सिर्फ नोट उगाहने में लगे हैं। इस घटना ने संसद को ही नहीं, बल्कि पूरे देश को लज्जित किया है। ऐसे सांसदों को संसद से तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए और भविष्य में कोई भी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर देना चाहिए। सच पूछा जाए तो अब चुनाव प्रणाली में परिवर्तन जरुरी हो गया है। चुनाव आयोग का नकारात्मक वोटों का सुझाव काफी महत्वपूर्ण है और इसे तत्काल लागू करना चाहिए।


यह पत्र नवभारत टाइम्स में 21 दिसंबर 2005 को प्रकाशित हुआ।