Monday, 6 July 2015

जनता की सेवक


पुलिस भ्रष्ट नेताओं से डरती है और भ्रष्ट नेताओं का साथ देती है। जबकि पुलिस ढिंढोरा पीटती है कि वह आम जनता की सेवक है।


यह पत्र नवभारत टाइम्स में 8 दिसंबर 2005 को प्रकाशित हुआ।