Monday, 1 June 2015

भ्रष्टाचार की जड़


15 अक्टूबर को प्रकाशित अपने लेख "चाहे जितने छापे मार ले" में सीबीआई के पूर्व निदेशक जोगिन्दर सिंह ने भ्रष्टाचार के लिए नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। सच तो यह है कि भ्रष्ट नेता अपने इर्द गिर्द एक भ्रष्ट नौकरशाही को तैयार करते हैं। भ्रष्ट नेताओं द्वारा अपने विरोधियों का दमन करने और नौकरशाही को मुठी में करने के लिए छापे डलवाये जाते हैं। इसलिए छापों का कोई असर नहीं होता है। जितने छापे पिछले एक साल में डाले गए, भ्रष्टाचार भी उसी अनुपात में बढ़ता गया। भ्रष्ट नेताओं को चुनाव में हराकर ही भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सकता है। इसके लिए चुनाव आयोग का नकारात्मक वोट का सुझाव बहुत अधिक कारगर साबित हो सकता है।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स में 26 अक्टूबर 2005 को प्रकाशित हुआ।)