Friday, 29 May 2015

डॉक्टरों को राहत


संपादकीय टिप्पणी 'डॉक्टरों को सुप्रीम कोर्ट से राहत' के अंतर्गत आप के विचार पडे। यह एकदम सही है कि डॉक्टरों की भूल चूक से उन को हर केस में अदालत में खींचना उचित नहीं।
डॉक्टरों का पहला कर्तव्य मरीजों का इलाज करके उन्हें स्वस्थ करना है। हमें इस का दूसरा पहलू भी देखना होगा कि आज प्राइवेट नर्सिंग होम और अस्पतालों में कोरी व्यवसायिकता निभाई जाती है। वहां आकस्मिक स्थिति वाले दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को एकमुश्त मोटी रकम न जमा कर पाने के कारण लौटा दिया जाता है। ऐसे कई केसों में दुर्घटनाग्रस्त मरीज अपनी जान तक गवां बैठता है।
हालांकि इस सन्दर्भ में भी सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश हैं लेकिन कोई प्राइवेट अस्पताल इस को मानता नहीं है। पैसा कमाने का अधिकार डॉक्टरों को भी है लेकिन मानवता निभाते हुए उन्हें दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के साथ हमदर्दी रखनी चाहिए और उनके इलाज में कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए।


(यह पत्र सरिता, अक्टूबर (दिव्तीय) 2005 अंक में प्रकाशित हुआ।)