Thursday, 16 April 2015

ग्रेग चैपल से उम्मीदें


ग्रेग चैपल अपने समय के श्रेष्ठ खिलाडी रहे हैं और भारतीय टीम को टीम नंबर वन बनाने के लिए उन्हें कोच चुना गया है। कोच के साथ खिलाडियों की प्रतिभा, मनोदशा, बोर्ड का रवैया और अनुकूल पिचें टीम को सर्वश्रेष्ट बनाती हैं। भारत ने 1983 में विश्व कप जीता था। उस समय के खिलाडियों का अनुभव लिया जाना चाहिए क्योंकि भारत का सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन 1983-87 के बीच रहा। उसके बाद तो टीम कई विवादों में घिरी रही। छिटपुट अच्छे प्रदर्शन के बाद 2-3 वर्षों तक टीम का प्रदर्शन औसत से भी कम रहा। सौरभ गांगुली के नेतृत्व में टीम ने एक लंबी छलांग मारी, लेकिन यह उड़ान कायम नहीं रही।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स में 27 मई 2005 को प्रकाशित हुआ।)