Sunday, 7 December 2014

स्कूल में सेलफोन

एक ओर जहां विज्ञान की अनूठी देन सेलफोन ने सारी दुनिया को हमारी जेब में डाल दिया है वहीँ इसका दुरूपयोग एक अभिशाप बनता जा रहा है। कैमरा सेलफोन का स्कूली छात्रों पर विशेष प्रभाव पड़ रहा है। इससे जुड़ा एक मामला पिछले दिनों दिल्ली के एक पब्लिक स्कूल में आया। इस संदर्भ में प्रश्न सिर्फ सेलफोन का नहीं है, बल्कि स्कूलों में छात्र पढ़ाई के साथ साथ क्या कर रहे हैं, इसकी खोज का भी है। क्या स्कूल में सेलफोन पर प्रतिबंध लगा देना ही एकमात्र समाधान है? छात्र केवल अध्धयन पर अपना ध्यान केंद्रित रखें और स्कूल परिसर में कोई आपत्तीजनक घटना न हो। हो सके तो स्कूलों में क्लोज सर्किट कैमरों की सहायता ली जाए। अभिभावकों का भी फर्ज है कि वे बच्चों को स्कूली शिक्षा तक अधिक लग्जरी सुविधाएं दें।


(यह पत्र नवभारत टाइम्स के 6 दिसम्बर 2004 अंक में प्रकाशित हुआ।