Sunday, 30 November 2014

रिलायंस की ताकत

27 नवंबर को प्रकाशित संपादकीय रिलायंस की ताकत में बिलकुल सही बात कही गई। रिलायंस की नींव शेयरघारकों का भरोसा है। अंबानी परिवार की आपसी कलह से यदि वह नींव डगमगा गई तो इसका नुकसान शेयरधारकों के साथ अंबानी परिवार को भी भुगतना पड सकता है। कॉरपोरेट जगत की रंजिशों को जिस तरह टीवी सीरियलों में दिखाया जाता है, काफी हद तक अंबानी परिवार की कलह भी उससे मिलती जुलती है। हालांकि टीवी सीरियलों में नाटकीयता अधिक होती है, लेकिन बिडला परिवार के बाद अंबानी परिवार की कलह टीवी सीरियलों से भिन्न नही है। यह कहना मुश्किल है कि सच्चाई और नाटकीयता में से कौन किसका प्रेरणा स्त्रोत है। लेकिन हर हालत में शेयरधारकों के विश्वास और अपनी नींव को अधिक मजबूत करने के लिए अंबानी परिवार को यह रंजिश समाप्त करनी पडेगी।



(यह पत्र नवभारत टाइम्स, 3 दिसंबर 2004 में प्रकाशित हुआ)