Wednesday, 22 October 2014

विदेशी बहू

संपादकीय टिप्पणी 'विदेशी बहू से भाजपा का हारना' कुछ हद तक सही रही। उम्मीदों से परे चुनावों में भाजपा हार तो गई लेकिन कांग्रेस पूरे बहुमत से कोसों दूर रही। मात्र 145 सीटों पर कब्ज़ा करने को सोनिया या कांग्रेस की जीत कहना गलत होगा।
भाजपा का फील गुड सिर्फ 3 राज्यों तक सीमित रहा। चुनाव नतीजे इस बात का संकेत है कि सरकारों को आम जनता के दुःख दर्द का निवारण करना होगा। सिर्फ नारों के आधार पर खयाली पुलाव, कांग्रेस हो या भाजपा, किसी के लिए सही नहीं है। बारबार राज्यों और केंद्र में सरकारों का तख्ता पलटना इस बात का संकेत है कि आम जनता की अवहेलना अगले चुनावों में मंहगी पड़ेगी।


(यह पत्र सरिता, जुलाई द्वितीय 2004 में प्रकाशित हुआ)