Wednesday, 22 October 2014

बेहतर आय तो बेहतर शिक्षा क्यों नहीं?

लेख 'निजी छेत्र में बेहतर शिक्षा' सटीक लगी। सरकारी छेत्र के स्कूलों में अब कमजोर वर्ग के बच्चे ही पढते हैं ऊपर से स्कूल में पढाया नहीं जाता।
यदि शिक्षक वर्ग अपनी तरफ से थोडा भी प्रयास करें तो सरकारी स्कूलों में भी बेहतर शिक्षा हो सकती है। जब अध्यापक वेतन के रूप में मोटी रकम पा सकते हैं तो बेहतर शिक्षा भी दे सकते हैं। इस साल की 12 वी कक्षा (सी बी एस ई) का परीक्षाफल इस तथ्य को उजागर करता है कि सरकारी स्कूलों का परीक्षाफल निजी और पब्लिक स्कूलों से बेहतर रहा।
आज शिक्षा एक व्ययसाय बन गया है। पब्लिक स्कूल अधिक मुनाफा कमाने में और सरकारी स्कूल के अध्यापक ट्यूशन और कोचिंग में अधिक ध्यान देते हैं इसीलिए कमजोर वर्ग ऊपर नहीं उठ पाता है।


(यह पत्र सरिता, जुलाई(प्रथम) 2004 अंक में प्रकाशित हुआ)