Saturday, 23 August 2014

शिक्षकों की बेईमानी

अप्रैल (प्रथम) अंक में आप की संपादकीय टिप्पणी शिक्षकों की बेईमानीबिल्कुल सही है कि आज शिक्षक देश के भविष्य से खिलवाड कर रहे हैं।
देश के भविष्य अर्थात बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कारों को देना शिक्षकों का कर्तव्य है। धन के लालच में वे गलत शिक्षा, संस्कार छात्रों को दे रहे हैं क्योंकि आज का शिक्षक तो अपना पूरा ध्यान ट्यूशन, कोचिंग क्लास और परिक्षाओं के दौरान पेपर लीक के माध्यम से धन बटोरने पर लगा रहे हैं।
धन कमाना बुरी बात नही है लेकिन गलत तरीकों से की जाने वाली कमाई गलत मान्यताओं को जन्म देती है और धन के गुलाम हर बुरी बात के अपनाते हैं। इसलिए शिक्षकों से अनुरोध है कि हमारे और देश के भविष्य हित में बुराईयों को समाप्त करने के लिए पहल करें और गलत नींव  न डाले।


(यह पत्र सरिता मई (द्वितीय) 2004 में प्रकाशित हुआ।)