Sunday, 27 July 2014

ये पब्लिक है, सब जानती है, पब्लिक है

डेमोक्रेसी के भवन में हो रही है रेलमपेल
चुनावों के बाद सरकार निकालेगी, जनता का तेल


(यह पत्र 2 मई 2004 को नवभारत टाइम्स में प्रकाशित हुआ।)