Thursday, 24 July 2014

सार्क सम्मेलन में शान्ति संदेश

सरित प्रवाह फरवरी (प्रथम) 2004 के अंतर्गत सार्क सम्मेलन में शान्ति संदेश पढ कर आश्चर्य हुआ कि शान्ति के लिए 5-7 प्रतिशत देश का हिस्सा और चला जाता तो कोई फर्क नही पडता। फर्क आप की और मेरी सोच में है। हांलाकि शान्ति देश की प्रगति और विकास के लिए आवश्यक है। पिछले 5 वर्षो में भारत सरकार ने इस के लिए पहल भी की लेकिन पाकिस्तान ने लाहौर और आगरा वार्तालाप का क्या जवाब दिया, यह सभी को मालूम है।
यदि शान्ति के लिए 5-7 प्रतिशत देश का हिस्सा किसी को देने की मानसिकता में हम रहेंगे तो हो सकता है कि भविष्य में देश के पास मात्र 5-7 प्रतिशत हिस्सा ही बचे। 1947 में विभाजन के बाद पाकिस्तान बन गया, लेकिन हमारा प्रयास देश को बचाना होना चाहिए न कि शान्ति के लिए 5-7 प्रतिशत और दान देना। जब आप दान और पुण्य में विश्वास नही रखते तो देश की भूमि का दान तो कदापि नही।


(यह पत्र सरिता मार्च (द्वितीय) 2004 में प्रकाशित हुआ।)