Saturday, 22 March 2014

मौत का सफर


देश में रेल दुर्घटराऔं की संख्या डराने वाली है। यात्रियों से सुरक्षा अधिभार लेने के बाद बी सुरक्षा का विशेष इंतजाम नहीं नजर आ रहा है। रेलवे को अपनी कार्य प्रणाली सुधारने की विशेष जरूरत है, चाहे इसके लिए ट्रेनों के टाइमटेबल और गति सीमा को बदलना पडे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे को अपने खातों को जनता के सामने रखना होगा कि कितना खर्च कहां कहां हुआ है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि सरकार द्वारा किए गए खर्च का केवल 18 फीसदी हिस्सा ही जरूरतमंदो के पास पहुंच पाता है। इसलिए रेलवे को 100 फीसदी सुरक्षा के लिए 100 फीसदी खर्च करना पडेगा। उसके लिए मुनाफा नही, सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।


(यह पत्र 14 जुलाई 2003 को नवभारत टाइम्स में प्रकाशित हुआ।)